जिंदगी एक सफ़र सुहाना

Shoyab Khatik

जिंदगी एक सफ़र सुहाना
(22)
वाचक संख्या − 97
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सारांश

जिंदगी मे कुछ करना है, कुछ बनना है, हमे दुनिया जितनी है| ये हम रोज़ किसी के न किसी के मुँह से सुनते है। पर रियल मे हम कुछ करते है क्या? बहोत ट्राय करलो पर उसमे से 10% या 20% ही कर पाते है। ऐसा क्यों ...

टिप्पण्या

एक टिप्पणी लिहा
Bhagyashri Tari
right
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Neelam Pawar
पहले तो हमने कुछ करने के लिए हमारे पास टाइम नही है कहना छोड दिया है । टाइम निकालकर प्रतिलिपीपर पढना चालू किया है ।
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Santosh Kumar Gupta
बहुत ही सुंदर।
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Harsha Tapase
maine to apni life hi bdal dali
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श्वेता बरकडे
खूपच छान आपण आपल्या लाईफ ची फिल्म स्वतःच बनवली पाहिजे
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Sadaf Sania
बिल्कुल सही लिखा है आपने 👌👌👌
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Aashuu 💐
Nature everyday makes new plan for you ....Nice Article sir
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Mangesh Waghmare
👌👍👌👌
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Mohini Shejwal
सच है।हम अपने लक्ष पर केंद्रित नही रहते। बजाय इसके दुसरा क्या कर रहा है,इसपर ध्यान देते है ।इसलीये हम जिंदगीमे fail हो जाते है।
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